टिड्डियों का हमला (Locust Attack) : झांसी में फायर ब्रिगेड को 'केमिकल अटैक' के लिए तैयार रहने का आदेश

टिड्डियों का हमला (Locust Attack) : झांसी में फायर ब्रिगेड को 'केमिकल अटैक' के लिए तैयार रहने का आदेश

नई दिल्ली :

उत्तर प्रदेश के झांसी जिला प्रशासन ने फायर ब्रिगेड को अपनी गाड़ियों को केमिकल के साथ तैयार रहने को कहा है ताकि क्योंकि इलाके में तीन किलमीटर लंबे टिड्डियों के झुंड के हमले का खतरा (Locust Attack) मंडरा रहा है. टिड्डियों को झुंड खेतों में खड़ी सब्जियां फसलों को दो मिनट में साफ कर सकता है जिससे किसानों को अच्छा-खासा नुकसान हो सकता है. इस आने वाली समस्या को लेकर झांसी के जिला कलेक्टर ने एक बैठक भी की है. उन्होंने बताया कि गांवों और स्थानीय लोगों को टिड्डियों की गतिविधियों की सूचना कंट्रोल रूम में देने के लिए कहा गया है. टिड्डियों के झुंड हरियाली वाली जगहों पर जाते हैं. इसलिए अगर ये फसलों की ओर जाते हैं तो इसकी सूचना तुरंत मिले.  वहीं कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कमल कटियार ने बताया कि यह झुंड 2 से तीन किलोमीटर लंबा है इसमें छोटे टिड्डियां शामिल हैं और यह देश के अंदर घुस चुके हैं. और इस समस्या निपटने के लिए राजस्थान के कोटा से भी एक टीम आ गई है. 

यह भी पढ़ें

आपको बता दें कि देश की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा टिड्डी दल ने मध्य प्रदेश में दस्तक दे दी है है. अधिकारियों ने कहा कि टिड्डियों का राज्य में पिछले 27 साल में सबसे बड़ा हमला है और इसके मानसून तक जारी रहने की आशंका है. मालवा निमाड़ से होते हुए टिड्डी दल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा क्षेत्र में भी पहुंच गया है. रेहटी तहसील के गांवों में सीहोर से होते हुई टिड्डी दल पटत्तलाई, झोलियापुर, बारदा, नरेला, कोठरा ,चक्लदी जैसे गांवों में किसानों की फिक्र बढ़ाने लगा है. किसान ढोल, थाली, पटाखे ओर स्प्रे से इन्हें भगाने का प्रयास कर रहे हैं.

जानकारों का कहना है कि वक्त रहते इन पर काबू नहीं किया गया तो ये प्रदेश में 8000 करोड़ रुपये की मूंग की फसल बहुत नुकसान पहुंचा जा सकते हैं. आगे ये कपास और मिर्ची को भी चट कर सकते हैं. 27 सालों बाद राजस्थान से मंदसौर होते हुए टिड्डियों का दल मध्यप्रदेश में घुसा है.

 कृषि विभाग के निर्देश में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्तर पर समूह बनाकर खेतों में रात के समय निगरानी करें. शाम 7 से 9 बजे के बीच टिड्डी दल रात्रि विश्राम के लिए कहीं भी बैठ सकता है, जिसकी पहचान एवं जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर दल का गठन कर सतत निगरानी की जाए. 

मध्य प्रदेश: टिड्डियों ने बढ़ाई किसानों की चिंता​

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

n_h

Leave a Comment