केंद्र की मोदी सरकार को शिवसेना की सलाह, अरविंद केजरीवाल को काम करने दें…

मुंबई : शिवसेना ने कहा कि केंद्र को दिल्ली में ‘आप’ सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को काम करने की इजाजत देनी चाहिए. दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) के बीच शक्तियों के बंटवारे के विषय पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आम आदमी पार्टी के पक्ष में आने के बाद शिवसेना का यह बयान आया है. शिवसेना ने कहा कि एलजी और आप सरकार के बीच तकरार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यदि चाहते तो उप राज्यपाल को नियंत्रित कर सकते थे. शीर्ष न्ययालय ने दो दिन पहले एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि एलजी निर्वाचित सरकार की सलाह पर काम करने के लिए बाध्य हैं और वह बाधक नहीं बन सकते हैं.
 
If government doesn’t follow orders of the Supreme Court there will be anarchy in the country: Delhi CM Arvind Kejriwal after meeting LG Anil Baijal pic.twitter.com/zSzKkpHLaU— ANI (@ANI) July 6, 2018
यह भी पढ़ें : LG से मिलने के बाद बोले केजरीवाल – अगर केंद्र सरकार SC का ऑर्डर नहीं मानेगी तो देश में अराजकता फैल जाएगी

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में लिखा है, ‘… कम से कम अब एलजी और दिल्ली सरकार के बीच गतिरोध खत्म हो जाना चाहिए तथा केजरीवाल को मुख्यमंत्री के तौर पर अपना काम करने देना चाहिए.’ पार्टी ने कहा कि राजनीतिक गतिरोध केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल के बीच नहीं था, बल्कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच था. शिवसेना ने कहा कि यदि मोदी चाहते तो वह केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त एलजी को नियंत्रित कर सकते थे, लेकिन यह काम उच्चतम न्यायालय को करना पड़ा.


यह भी पढ़ें : सर्विसेज डिपार्टमेंट ने केजरीवाल सरकार का आदेश मानने से किया इनकार!

शिवसेना ने कहा कि उसे संदेह है कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद दिल्ली सरकार के फैसलों में एलजी की दखलअंदाजी खत्म हो जाएगी. संपादकीय में कहा गया है कि मोदी लहर के बावजूद आप सरकार 2015 में प्रचंड जनादेश के साथ सत्ता में आई थी और भाजपा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में मात्र तीन सीट मिली थी. इसमें कहा गया है कि केजरीवाल की कार्य शैली पर विचारों का मतभेद हो सकता है, लेकिन लोगों के जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए. केंद्र को केजरीवाल सरकार के साथ अवश्य ही सहयोग करना चाहिए.
arvind kejriwalदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एलजी अनिल बैजल से मुलाकात की.

सामना में कहा गया है कि एलजी ने अपने संवैधानिक पद को ध्यान में नहीं रखा. इसने प्रशासन और राजभवन की प्रतिष्ठा कम की. शिवसेना ने कहा कि यदि केंद्र को लगता है कि केजरीवाल काम नहीं कर रहे या वह भ्रष्ट हैं तो उसे दिल्ली सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए, लेकिन उसे कामकाज नहीं करने देना अनुचित है. पार्टी ने कहा कि दिल्ली सरकार को क्लर्क या चपरासी तक नियुक्त करने का अधिकार नहीं है, वह नीतिगत फैसले नहीं कर सकती, आईएएस अधिकारियों की बैठक नहीं बुला सकती और उन्हें निर्देश नहीं दे सकती. इसने कहा कि यह एक निर्वाचित सरकार का गला घोंटने जैसा है. इसलिए, केजरीवाल सरकार ने विरोध किया और आप मंत्री राजभवन में धरना पर बैठे.

VIDEO : अगर केंद्र सरकार SC का ऑर्डर नहीं मानेगी तो देश में अराजकता फैल जाएगी : केजरीवाल

टिप्पणियां

संपादकीय में कहा गया है कि एलजी आवास में धरना पर बैठे आप मंत्रियों की तस्वीर आपातकाल के दौर से भी अधिक बदतर स्थिति को दिखाती है. 

(इनपुट : भाषा)

n_h

Leave a Comment